जांजगीर चाम्पा -गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनी सीमा बंजारे : चारदीवारी से नेतृत्व तक - गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनी सीमा बंजारे
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Thu, Jan 22, 2026 / Post views : 191
समाचार
चारदीवारी से नेतृत्व तक - गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनी सीमा बंजारे
जांजगीर-चांपा 22 जनवरी 2026/ जनपद पंचायत पामगढ़ की ग्राम पंचायत कुटराबोड निवासी श्रीमती सीमा बंजारे की कहानी उन ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो आज भी स्वयं को घर की चारदीवारी तक सीमित मानती हैं। एक समय था जब श्रीमती सीमा बंजारे का जीवन केवल घर-परिवार और बच्चों की देखभाल तक ही सिमटा हुआ था। आर्थिक निर्भरता और आत्मविश्वास की कमी उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती थी। लेकिन यह स्थिति तब बदली, जब बिहान योजना की सीआरपी टीम के संपर्क में आने से उन्हें स्व सहायता समूहों की जानकारी मिली। इस संपर्क ने उनके मन में आत्मनिर्भर बनने का सपना जगाया। परिवार की सहमति से उन्होंने जय भीम स्व सहायता समूह से जुड़कर अपने नए जीवन की शुरुआत की।
समूह से जुड़ने के बाद श्रीमती सीमा बंजारे ने मेहनत और सक्रिय भागीदारी से जल्द ही अपनी पहचान बना ली। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें पहले स्व सहायता समूह का अध्यक्ष चुना गया। आगे चलकर वे ग्राम संगठन में लेखापाल बनीं और वर्तमान में वे पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए गांव में एक जिम्मेदार और सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी भूमिका निभा रही हैं। आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सीमा बंजारे ने दोना-पत्तल निर्माण एवं सब्जी उत्पादन जैसी गतिविधियों को अपनाया। इन कार्यों से उन्हें लगभग 1,20,000 लाख की वार्षिक आय प्राप्त होने लगी। यह आय केवल आर्थिक मजबूती नहीं लाई, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और समाज में एक नई पहचान भी दिलाई। आज श्रीमती सीमा बंजारे न केवल अपने मोहल्ले बल्कि पूरे गांव में एक सफल ‘लखपति दीदी’ के रूप में जानी जाती हैं। वे अन्य महिलाओं को स्व सहायता समूह से जुड़ने, स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही हैं।
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन