जांजगीर चाम्पा - पक्के मकान का सपना हुआ साकार : छप्पर से मिली मुक्ति, योजना ने बदली तस्वीर, चंद्रिका बाई के चेहरे पर लौटी मुस्कान
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Fri, Jan 16, 2026 / Post views : 189
समाचार
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से पक्के मकान का सपना हुआ साकार
छप्पर से मिली मुक्ति, योजना ने बदली तस्वीर, चंद्रिका बाई के चेहरे पर लौटी मुस्कान
जांजगीर-चांपा 16 जनवरी 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह योजना केवल घर नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन देती है। विकासखण्ड अकलतरा के ग्राम पंचायत अकलतरी निवासी हितग्राही श्रीमती चंद्रिका बाई का वर्षों पुराना सपना अब साकार हो चुका है। आर्थिक रूप से कमजोर परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहीं श्रीमती चंद्रिका बाई पहले खपरे/टीन की छत वाले कच्चे मकान में रहती थीं। बरसात के दिनों में उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित आय के कारण वे न तो घर बना पा रही थीं और न ही पुराने छप्पर की मरम्मत करा पा रही थीं।
शासन द्वारा वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत श्रीमती चंद्रिकाबाई का आवास स्वीकृत किया गया। 1.20 लाख रुपये की स्वीकृत राशि उनके खाते में आबंटित की गई, जिसके पश्चात उन्होंने नियमानुसार आवास निर्माण कार्य पूर्ण कराया। कार्य पूर्णता वर्ष 2025-26 में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ। आज चंद्रिका बाई अपने सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक पक्के मकान में सुख पूर्वक जीवन यापन कर रही हैं। महात्मा गांधी नरेगा से उन्हें मजदूरी मिली जिससे उन्हें मकान बनाने में आसानी हुई। वे उज्ज्वला योजना के अंतर्गत एल.पी.जी. कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत जलवाहित शौचालय की भी लाभार्थी है।
श्रीमती चंद्रिका बाई का कहना है प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण मेरे जैसे गरीबों के लिए वरदान है। आज पक्के मकान में रहना मेरे लिए सपने जैसा था, जो शासन की इस योजना से पूरा हुआ। यह कहानी न केवल एक परिवार की खुशहाली की है, बल्कि यह दर्शाती है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन कैसे जरूरतम�
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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