कवर्धा न्यूज़- बेचा 68 क्विंटल धान, जाहिर की खुशी : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में तेजी, किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की चमक
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta / Wed, Nov 19, 2025 / Post views : 111
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में तेजी, किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की चमक
ऑनलाईन टोकन से फागुराम को धान विक्रय में हुई सहुलियत, बेचा 68 क्विंटल धान, जाहिर की खुशी
कवर्धा, 19 नवंबर 2025। कवर्धा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू और पारदर्शी तरीके से जारी है। धान खरीदी को लेकर किसानों में उत्साह है। ग्राम ज्ञानपुर के किसान श्री फागू चंद्राकर ने धान खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक बेहतर और आसान हुई है। उन्होंने कहा कि लगभग 68 क्विंटल धान उन्होंने बिना किसी परेशानी के बेंचा हैं। श्री चंद्राकर ने बताया कि धान खरीदी शुरू होने के पूर्व ही उन्होंने कटाई-मिंटाई जैसे सभी कार्य पूरे कर लिए थे। खरीद के लिए उन्होंने तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि पहले सोसायटी में टोकन कटवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाइल से ही टोकन मिल जाता है। यह सुविधा हम जैसे बुजुर्ग किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत है।
जिले में धान खरीदी को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार की पारदर्शी और संवेदनशील धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। श्री फागू चंद्राकर, जो कि साढ़े 3 एकड़ खेत में खेती करते हैं उन्होंने कहा कि जहां टोकन तुंहर हाथ ऐप के माध्यम से धान बेंचने के लिए ऑनलाईन टोकन कटाने से समय और मेंहनत दोनो की बचत हो रही है। वहीं धान खरीदी के पश्चात तुरंत उसका भुगतान जारी होने से बड़ी आर्थिक राहत है। उन्होंने कहा कि सरकार धान खरीदी प्रक्रिया को सुगम और सरल बनाने के लिए कई कदम उठा रहीं है जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। सरकार की प्रति एकड़ 21 क्विटंल 31 सौ की दर से खरीदी से किसानों की आय बढ़ी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन तथा किसान-कल्याण को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई देने लगी है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना और बेहतर समर्थन मूल्य नीति ने किसानों के जीवन में ठोस बदलाव लाया है। पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, मोबाइल-आधारित टोकन प्रणाली और मजबूत व्यवस्थाओं ने धान विक्रय प्रक्रिया को न केवल सरल बनाया है, बल्कि किसानों के बीच भरोसा भी बढ़ाया है।
Chief Editor - Digvendra Kumar Gupta
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